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इन Feelings से इंसान हो जाता हैं दुःखी, ऐसे करे उपाय, रहेंगे Happy

इन Feelings से इंसान हो जाता हैं दुःखी, ऐसे करे उपाय, रहेंगे Happy

How to remove sadness

आज दुनिया में हर इंसान किसी न किसी बात को लेकर दुखी रहता हैं । जॉब न मिलने का दुःख, अगर मिल जाती हैं तो ऑफिस के बॉस से परेशान, बिज़नेस न सेटल होने का दुख, अगर हो गया तो अस्थिर मार्किट से परेशान, शादी के बाद बच्चे न होने का दुख, अगर हो गये तो उनकी अच्छी परवरिश के लिए दर ब दर भटकते हुए परेशान हो जाते हैं । अच्छी सैलेरी मिल गई तो बचत न होने का दुख । फलस्वरूप अनेको बीमारियां घर कर लेती हैं । आखिर दुख क्या है ? दुख एक भाव (Feeling ) है जो किसी चीज का अभाव होने पर झलकता हैं दूसरों शब्दों में इंसान के इच्छाओ की पूर्ति न होने पर इंसान दुखी हो जाता हैं । इन सब दु:खो का क्या कारण हैं तो आइए जानते हैं :-

Reason of Bad feeling in hindi

1. खोने का दुख
अधिकतर लोग कहते है हमारा यह खो गया हमारा वह लुट गया, हमारा जीवन बर्बाद हो गया और तो और जब सुखी से पुछो तुम्हे क्या दुःख हैं तो वह कहते पाये गये, उसने ऐसा कह दिया, वह मुझसे ज्यादा सुखी है । वह इतरा रहा है।और इसी बात से दुखी है कि सामने वाला क्यो सुखी है। तब हम पाते है यह सब हमारी मानसिक स्थिति के कारण होता है।

2. स्वार्थीपन
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, वह समाज मे सभी से मिलता जुलता रहता है, और तरह तरह की बाते अपने मे घर करता जाता है। कोई बात मन की हुई तो ठीक और मन की नही हुई तो ह्रदय मे आग जला लेता है, उस स्वार्थ की अग्नि मे वह दिन रात जलता रहता है उससे उबर नही पाता और यह सुंदर तन और मन ऐक आग के हवाले कर लेता है। आज हम पाते है सब के सब इस आग मे जल रहे है। कोई प्रत्यक्ष तो कोई परोक्ष रूप से इन बातो मे समा जाता है कि ताऊम्र फिर बाहर नही आ पाता । तो यही पर सब चाहकर भी अज्ञानी बन या तो पछताते है दुःखी होते हो या जलते रहते है ।

3. बुरी आदतें (Bad habits)
बुरी आदतें भी आपके दुख का कारण है । जैसे बड़बोले पन, झूठ बोलना एवं दूसरों पर अपनी जमाना इत्यादि । सोचो, तुम एक आत्मा हो । जिसने एक देह को पाया, वह देह भी राख होने वाली है। तब उस आत्मा को फिर अकेले विचरण करना होता है। तब क्यो हम केवल देह के कारण हर किसी से ईषा राग, द्वेष रखकर उसे मिटाने की सोचे, उसके अवगुण देखे । उससे बस इस बात से जले कि वह सुखी क्यो है।

4. बहुत अधिक पाने की लालसा
अपने मन को संतुष्ट न कर पाना आपको दुख का मुख्य कारण है यानी बहुत अधिक पाने की लालसा । हमेशा पाने की इच्छा दिलो दिमाग मे छायी रहती है । जब नहीं मिलती हैं तो तड़प उसके भीतर रह जाती है, वह  आपको दु:खी कह उठता है । हर व्यक्ति यह चाहने लगा है कि ऊसको एक बंगला मिल जाए नौकर चाकर हो जाए बहुत धन मिल जाए तब सुख होगा । माना यह सब आपके पास आ भी जाए तब क्या तुम सुखी हो पाओगे ? नहीं । क्योंकि तब भी आपके भीतर और पाने की लालसा बनी रहेगी और यही आपके दु:ख का कारण बनती हैं ।

5. अन्य कारण :- दु:ख के अन्य कारणों में बात बात पर गुस्सा करना, लोभ लालच, किसी से अधिक उम्मीद करना, मिलना - बिछड़ना एवं अत्यधिक डिप्रेशन में रखना ।

खुश (Happy ) कैसे रहे ? How to get Happy

हर इंसान खुश रहने के प्रयास करता हैं । मगर एक प्रॉब्लम हल होती हैं वहाँ दूसरी प्रॉब्लम खड़ी हो जाती हैं  ऐसे में फिर से वह दु:खी हो जाता हैं । तो आज हम ख़ुश (Happy) रहने के कुछ उपाय बताने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं :-

1. अपने हाल में मस्त रहो

तुम जैसे हो, जिस हाल मे हो, मस्त रहो, व्यस्त रहो तो आप भी स्वस्थ और मन मस्तिष्क भी स्वस्थ रहेगा, आप बहुत अच्छा जीवन जी सकोगे । अब रही बात ऐसे लोगो की जिसके परिवार मे कोई बिछड़ जाता है या कोई छोड़ जाता है या कोई लडाई झगडे मे सब नष्ट हो जाता है तब उसे लगता है जीवन बेकार हो गया और वह असहाय दु:खी रहने लगता है और रात भर जागता है, रोता है गाता है सारी दुनिया से दूर होने लगता है। यह सब फोबिया मे आ जाता है और इसी बीमारी से हमे बचना है।

2. एकांत में बैठकर सोचे 
विपरीत परिस्थितियों में जब हम थक जाते है तब शांतचित होकर सोचे कि कोई मिला था जो आज बिछड़ा है । जो खोया है । मन उसे याद करता है तो तुरंत मंदिर मे जाए या अपनी पसंदीदा स्थान पर जाये । ध्यान लगाए, आत्मा से यानी स्वयं से बात करे सोचे कि क्या गलत है । क्या सही है ? जहां आपको उम्मीद की किरण नजर आयेगी ।

Khush kaise rahe ?

3. बच्चों के साथ समय बिताए
दुःखी होने बच्चों के साथ समय बिताए क्योंकि बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं । बच्चे छल कपट से परे होते हैं । या कोई पढने लिखने का काम करना चाहिए यहां गाने वह भी पुराने मन मष्तिष्क को बेहतर करते है उसमे लगना चाहिए ।

4. दुसरो के सुख से कल्पना न करें
कभी कभी इंसान दु:खी होने पर दूसरों के सुख से खुद की कल्पना कर बैठता है जिससे वह अधिक दुखी हो जाता हैं । इसलिए सुखी लोगो को न देखकर दुखी लोगो को देखे उनसे दोस्ती करे, अपने अंदर झांके कि तुममे कौन सा गुण है उस गुणो को फिर से जगाए ।

5. सकारात्मक सोच
अपनी सकारात्मक सोच रखकर आप दु:ख से बच सकते हैं । आपकी सकारात्मकता दुख हावी न होने देगी यानी आप डिप्रेशन में आने देगी । जिससे आपको सकारात्मक परिणाम मिलेगा कि इतनी आंधियों के बाद यह दीपक कैसे जल रहा है वह भी मुस्कुराता हुआ, हर नकारात्मक बातो मे सकारात्मक बाते सोचो, बहुत जल्दी ज्ञान प्राप्त होगा और मोक्ष भी ।

6. दूसरों से हद से ज्यादा उम्मीद न करो
कभी दूसरों से उम्मीद कर बैठते हैं । जब वो हमारी उम्मीद पर खरे नहीं उतरते हैं तो दु:ख का कारण बन जाती हैं ।

7. मन को संतुष्ट रखे 
कहते हैं मन की सन्तुष्टि ही सबसे बड़ा धन हैं । जहां आप सन्तुष्ट हैं वही आपका सबसे बड़ा सुख हैं ।

8. अन्य उपाय :- अपने दुख दूर करने के एक्सरसाइज करें, विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करें, घबराये नहीं इत्यादि ।

 श्रीमती ममता वैरागी तिरला धार
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