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Muladhar chakra मूलाधार चक्र को जागृत कैसे करें

Muladhar chakra मूलाधार चक्र को जागृत कैसे करें ?


Muladhar chakra in hindi


Muladhar chakra in hindi. मानव के भीतर एक रहस्यमयी शक्ति निवास करती है । जो गहरे आवरण में छिपी हुई है । जो सरपरी की तरह मुलाधार चक्र में गोल घूम रही हैं । मनुष्य ने सहस्त्र वर्षो के अनुसंधान से अपनी भीतर की इस शक्ति को ढुंढ निकाला । यह शक्ति मानव के भीतर मूलाधार चक्र ( Root chakra ) से लेकर मस्तिष्क तक प्रकाशित होती रहती हैं ओर यह शक्ति ब्रह्मांड से जुड़ी है । संपूर्ण ब्रह्मांड एक चक्र से जुडा है । जिसे सहस्त्रहार चक्र कहा जाता है । 

हमारे शरीर में सप्त प्रकार के सप्तचक्र होते है । एक - एक चक्र में सहस्त्र प्रकार की शक्तियां और अनेक प्रकार के अनुभव छूपे हुये है । जिन्हे शब्दों में वर्णित नहीं कर सकते । यदि साधक इस शक्ति को जागृत कर ले तो उसका जीवन बदलने लगता हैं ओर यह संपूर्ण ब्रह्मांड को संचालित करने वाली ऊर्जा मनुष्य के भीतर धीरे - धीरे उतरने लगती हैं और साधक विराट अस्तित्व से जुडकर उसका स्वामी बनने लगता है । 

हमारे सप्त चक्रो में से Muladhar chakra एक दिव्य चक्र है । इसको जागृत करने के लिये हमें एक अच्छे गुरु के सानिध्य में इस विराट आसक्ती को जागृत करना चाहिये । तो चलिए जानते है Muladhar chakra in hindi के बारे में -

Muladhar chakra in hindi

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मूलाधार ( Muladhar ) शब्द कैसे बना है ?

मूल + आधार । मूल ( Root ) का अर्थ जड होता हैं ओर आधार का अर्थ नीव मनुष्य शरीर का निर्माण उसकी माँ की गर्भ से होता हैं, तो उसकी जड़े भी वहीं हैं ओर उसका आधार भी वहीं है । इस चक्र को जागृत करनेका मंत्र 'लं' है ।  हमें  संपूर्ण भी को समझना पडता हैं तभी इस चक्र को जागृत करना होता है । 

Muladhar chakra के जागरण से मनुष्य के धीरे धीरे अनेको शक्तियां मनुष्य के अंदर अमृत समान शक्तियां उतरने लगती हैं और साधक भूत, भविष्य और वर्तमान का ज्ञान अपने भीतर धीरे धीरे प्राप्त करने लग जाता है । उसका शरीर ऊर्जा भर उठता है ।

मूलाधार चक्र को कैसे जागृत करें ? Muladhar chakra ko jagrit kaise kare -

सबसे पहले मूलाधार चक्र को खोलने के लिये व्यक्ति को अपने रीढ की हड्डी के मूल छोर पर जहा चक्र स्थित होता है । वहा पर ध्यान करते हुए आपको एक कमल के फुल की कल्पना करनी होगी पर बार - बार आपको यह प्रयास करना होगा जिसके चलते आपको एक अलग तरह की energy feel होने लगेगी और आपका मूलाधार चक्र धीरे - धीरे जागृत होने लगेगा । 

कुंडलिनी शक्ति का जागरण केवल अध्यात्मिक प्रकृति से संभव हो सकता है । जिसके सरल और सही मार्ग हैं - साधना ।  साधना के जरिये आप कुंडलिनी शक्ति को जागृत करें । इसके लिये आपको योग का अनुसरण करते हुये कर्मयोग, भक्ति योग ओर हट योग की साधना करनी पडती है । 

साथ ही आपको प्राणायाम योग क्रियाओ और ब्रह्मचर्य का पालन भी करना होगा । इन सब नियमो के पालन के अलावा आप में अनुशासन सहनशीलता, धैर्य का भी होना अतिआवश्यक हैं तभी आप कुंडलिनी शक्ति को जागृत कर सकते है । इस शक्ति को जागृत कर सकते है । 

इस शक्ति को जागृत करने के बाद अपने आप आप में एक अलग तरह की ऊर्जा का अनुभव  होने लगता है । इंसान अपने आप प्रसन्न रहने लगता है । इसके अलावा योगा करके जैसे ताड़ासन एवं वीरभद्रासन करके भी जागृत किया जा सकता है । Muladhar chakra in hindi.

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मूलाधार चक्र के फायदे - Benefits of Root chakra -

Muladhar chakra मानव शरीर का सबसे बुनियादी चक्र है । यह मूलाधार साधना पीनियल ग्लैंड से जुड़ा हैं ओर इससे  2 बुनियादी गुण सामने आ सकते है । जानते हैं इन गुणो के बारे में -

  •  कायाकल्प का मार्ग - योग का एक पूरा सिद्धांत मूलाधार से विकसित हुआ जो इस शरीर के विभिन्न उपयोग से लेकर इंसान के अपनी परम संभावना तक पहुचने से जुडी है ।
  • चट्टान की तरह बने - मानव शरीर के कई पहलू समय के साथ खराब होने लगते है । पर आप उन्हें इस तरह से स्थिर कर देते हैं कि ये बदलाव पूरी तरह रुक नहीं जाता पर इस हद तक धीमा हो जाता है कि आपकी उम्र ढल ही नहीं रही ।
  • मूलाधार चक्र हमें शारिरिक रुप से मजबूत करता है ।
  • यह चक्र नये जीवन की शुरुआत होने वाले ग्रंथियों को नियंत्रित करता है ।
  • मानसिक रुप से भी आप स्थिर हो जायेंगे ।
  •  भावनाओं में आप Balance Position में आयेंगे ।
  • यह चक्र आपके कामवासना को भी Balance करेंगा ।
  • इंद्रियों के सुख को भी यह चक्र Balance करता हैं।

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Muladhar chakra ko jagrit kaise kare


प्रश्नोत्तरी - FAQ

1. संपूर्ण ब्रह्मांड कौनसे चक्र से जुडा है ?

जबाब - संपूर्ण ब्रह्मांड सहस्त्रहार चक्र से जुडा है ।

2. हमारे सप्त चक्रो में से दिव्य चक्र कौनसा है ?

जबाब - हमारे सप्त चक्रो में से मूलाधार चक्र दिव्य चक्र है ।

3. मूलाधार शब्द कैसे बना हैं ?

 जबाब - मूल + आधार मूल का अर्थ जड़ होता हैं और आधार का अर्थ नीव होता हैं । 

4. यह चक्र का मंत्र कौनसा है ?

जबाब - "लं" यानी LAM यह मूलाधार चक्र का मंत्र है । जिस प्रकार ॐ का उच्चारण लम्बी सास से करते है वैसे ही करना चाहिए ।

5. Muladhar chakra  कहा स्थित होता हैं ?

जबाब -हमारे शरीर की रीढ के हड्डी के मूल छोर पर जननेन्द्रिय के पास स्थित होता हैं ।

6. मूलाधार चक्र के देवता कौन है ?

जबाब - मूलाधार चक्र के के देवता भगवान शिव है । 

7. मूलाधार चक्र का सांकेतिक चित्र एवं रंग कौनसा है ?

जबाब - मूलाधार चक्र का सांकेतिक चित्र कमल की पंखुड़ियों के सामान है । एवं इनका रंग लाल है ।

8. Muladhar chakra से जुड़े शारिरिक अंग कौन कौनसे है ?

जबाब - मूलाधार चक्र से मानव शरीर की रीढ़ की हड्डी का निचला भाग, पैर, घुटने एवं ब्लड सर्कुलेशन आदि जुड़े हुए है ।

9. मूलाधार चक्र को जागृत करने का नेचुरल तरीका क्या है ?

जबाब - मूलाधार चक्र को नेचुरल तरीका नियमित रूप से हार्ड वर्क करना, नियमित रूप से योगा करना एवं एक स्थान पर अधिक समय तक न बैठना आदि ।

10. मूलाधार चक्र के खराब होने के लक्षण क्या ?

जबाब - मूलाधार चक्र के खराब होने या imbalance के होने के मुख्य लक्षणों में नकारात्मक विचारों का हावी होना, खून की कमी, थकान, तनाव, ठंड लगना, हाथ पैर ठंडे होना एवं पीठ की निचले हिस्से में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं ।

अभिलाषा देशपांडे

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