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बच्चों में वायरल फीवर के कारण, लक्षण व उपाय । Symptoms of viral fever

बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण व उपाय । Symptoms of viral fever


Symptoms of viral fever


Viral fever. का प्रकोप बदलते मौसम के साथ बढ़ता है । विशेष रूप से वर्षा के मौसम में काफी ज्यादा होता है । कमजोर इम्युनिटी के कारण सबसे ज्यादा बच्चे एवं बूढ़े शिकार होते है । कभी कभी Viral fever संक्रमण के कारण भी फैलता है जो एक दूसरे को संक्रमणित कर देता है । इस Viral fever की अवधि 7 से 8 दिन की होती है । 

तेज सिरदर्द के साथ तेज बुखार, गले में खराश एवं खाँसी जैसे इनके लक्षण है । एक बार बुखार आने के बाद कुछ दिनों तक थकान महसूस होती है । बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से ट्रीटमेंट लेकर बचा जा सकता है ।

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वायरल फिवर क्या हैं ? What is viral fever ?

Viral fever एक ऐसा बुखार है जो बदलते मौसम से कमजोर इम्मयून सिस्टम वाले लोगों इन्फेक्शन के कारण होता है । इसे मौसमी बुखार भी कहा जा सकता है । कभी कभी किसी वायरस के इन्फेक्शन के कारण भी Viral fever हो सकता है । इन वायरस में एल्बोला, मारबर्ग, लासा फीवर और येलो फीवर वायरस शामिल हैं।


बच्चों में वायरल फीवर के कारण । Cause of viral fever in children -

Viral fever के कई पेटेंट कारण हैं, जिनमें सर्दी और फ्लू के वायरस शामिल हो सकते हैं। बिना किसी अन्य स्पष्ट अंतर्निहित बीमारी के बुखार छोटे बच्चों में विशेष रूप से आम हो सकता है। इसका मतलब है कि वायरस छोटे बच्चों में बुखार का एक विशेष रूप से आम कारण है। 

इस जानकारी को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वायरल संक्रमण के इलाज में एंटीबायोटिक्स लेना अप्रभावी होगा। निवारण एक संक्रमित व्यक्ति छींकने, सांस लेने या लोगों या सतहों को छूने से वायरल बीमारी फैला सकता है। इसलिए इनसे बचना आवश्यक है । बच्चों व बूढ़ो में रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर होने के कारण जल्दी संक्रमणित हो जाते है । 


वायरल फीवर के लक्षण | Symptoms of viral fever -

Viral fever के मुख्य लक्षणों में असामान्य उच्च शरीर का तापमान बुखार ही एकमात्र लक्षण है । इसके साथ सिरदर्द, उल्टी होना, गर्दन में जकड़न एवं हाथों पैरो में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है ।

छाती में दर्द व सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण भी बच्चों में दिखाई देते है । यदि आपका बच्चा तेज बुखार से पीड़ित हैं तो तुरंत अस्पताल लेकर जाए ।


Home remedies for viral fever.


बच्चों को वायरल फीवर से कैसे बचाए । bachchon ko viral fever se kaise bachaye -

वायरल फीवर के संक्रमण से बचने के लिए कई एहतियाती उपाय करने पड़ते हैं। माता-पिता के रूप में, बदलते मौसम की स्थिति के प्रति अधिक चौकस रहना आवश्यक है क्योंकि आपके बच्चे सामान्य सकते हैं।

  • गुनगुने पानी से शरीर को पोछने से बुखार से राहत मिलती है। 
  • बच्चों में वायरल बुखार के लिए उपचार अंतर्निहित कारण पर निर्भर करता है, बुखार की डिग्री और अन्य लक्षण ।
  • एक वयस्क की तुलना में एक छोटे बच्चे के लिए तेज बुखार अधिक खतरनाक हो सकता है। इसलिए आवश्यक है कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ।
  • 2 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए, अगर उन्हें बुखार है जो बार-बार 104 * F से ऊपर उठता है, तो अपने डॉक्टर को बुलाएँ। यदि आपके बच्चे को बुखार है तो भी चिकित्सकीय सलाह लें और: वे असामान्य रूप से सुस्त लगते हैं और उनके अन्य गंभीर लक्षण होते हैं।
  • बच्चों को बाहर भेजते से मास्क का प्रयोग करें । किसी अनजानी वस्तुओं को न छुए । बाहर से वापस लौट ने पर अपने हाथों को सेनेटाइज करें ।
  • अपने आस पास का वातावरण clean रखें ताकि मच्छर न पनपे । 
  • संतुलित आहार के रूप में फलो एवं सब्जियों का सेवन करें ।

वायरल फीवर के घरेलू उपाय । Home remedies for viral fever -

Viral fever एक ऐसा बुखार है जो इन्फेक्शन के कारण होता है । इस बुखार के कारण बॉडी का तापमान बढ़ जाता है । इलाज के तौर पर डॉक्टर की सलाह प्राथमिक उपचार के रूप में पेरासिटामोल टेबलेट या सिरप ले सकते है । इनके अलावा सूती कपड़े को गुनगुने पानी में भिंगो कर पूरे शरीर को पोछने fever से राहत मिलेगी । तो चलिए जानते है घरेलू उपाय के बारे मे -

  • मोरिंगा एक उष्णकटिबंधीय पौधा है जिसमें विभिन्न प्रकार के पोषण और औषधीय लाभ होते हैं। पौधे के लगभग सभी भागों में विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट और जीवाणुरोधी होते हैं। यह चीनी चिकित्सा में इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी-बूटी है। इसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं और यह दर्द में भी लाभकारी है ।
  • इसी प्रकार तुलसी भी औषधिय गुणों से भरपूर है । इनके पत्तो का नियमित रूप से सेवन करने पर सर्दी - खाँसी बुखार से राहत मिलती है । वही नीम गिलोय एवं तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने से इम्मयून सिस्टम मजबूत होता है । जिसे विभिन्न प्रकार के संक्रमण से राहत मिलती है ।
  • इसी प्रकार हल्दी में भी एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते है । हल्दी को दूध के साथ सेवन करने पर इम्मयून सिस्टम स्ट्रांग होता है । हल्दी के सेवन से दर्द से राहत मिलती है ।

बच्चों और वयस्कों दोनों में, अधिकांश वायरस अपने आप ठीक हो जाते हैं मगर उपचार प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। लेकिन अगर आपको असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं या बुखार एक या दो दिन बाद भी नहीं उतरता है, तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना आवश्यक समझे । 

मूल स्रोत - globalhealthtricks.com

अस्वीकरण - इस लेख Viral fever symptoms में दी गई समस्त जानकारी केवल शिक्षा हेतु दी गई है । किसी भी जानकारी का उपयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह लेना अनिवार्य समझे ।। अभिलाषा देशपांडे ।।

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