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Piyush Goel ने विश्व प्रसिद्ध 5 पुस्तकें लिख डाली दर्पण छवि में

Piyush Goel ने विश्व प्रसिद्ध 5 पुस्तकें लिख डाली दर्पण छवि में 


mirror image books wrote by Piyus Goel.


mirror image books wrote by Piyus Goel. लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एवरेस्ट वलर्ड ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा चुके दादरी उत्तर प्रदेश के पीयूष गोयल जी की बात करें तो प्रशंसा किए बिना नहीं रह पायेगें। इन्हें वल्लर्ड रिकार्ड्स यूनीवर्सिटी लंदन द्वारा डाक्ट्रेट की उपाधि भी मिल चुकी है।

संसार चमत्कार से भरा पड़ा है। ऐसे चमत्कारी लोग अनेक मिल जायेगें जिनके कारनामों से हम आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सकते। उन चमत्कारी लोगों के बीच एक प्रसिद्ध नाम आपको बताते हैं पीयूष गोयल जी का । जिन्होनें अपने कार्य के द्वारा ना केवल भारत में बल्कि विदेशो में भी ख्याति प्राप्त की है। तो चलिए जानते mirror image books wrote by Piyus Goel.  के बारे में -

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लेखक पीयूष गोयल जी का परिचय | Biography of piyush goel in hindi.

इनके परिचय की बात करें तो पीयूष गोयल का जन्म 10 फरवरी 1967 को उत्तर प्रदेश के दादरी गाँव में हुआ था। माता श्रीमती रविकांता और पिता डॉ० देवेन्द्र कुमार गोयल के होनहार बेटे पीयूष गोयल यांत्रिक इंजीनियर हैं और बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कार्यरत हैं। 

पीयूष गोयल जी को शुरू ही से लेखन व कला में रूचि थी। यही नहीं वह अपने जीवन में कुछ ऐसा नया करना चाहते थे जो उन्हें ना केवल संतुष्टि दे बल्कि संसार में उनका व उनके परिवार का नाम भी रौशन कर सके। कहते हैं जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में कुछ करना चाहता है तो उसे कहीं ना कहीं से प्रेरणा मिल ही जाती है। पीयूष जी को भी मैथिलीशरण गुप्त जी की इन पक्तियों ने प्रेरित किया और इनके जीवन को नई दिशा प्रदान की। 

"नर हो ना निराश करो मन को

कुछ काम करो कुछ काम करो 

जग में रहकर कुछ नाम करो।"


पीयूष गोयल ने पंच प्रचलित पुस्तकें 5 तरीको से लिखी | mirror image books wrote by Piyus Goel -

सन 2000 में पीयूष के साथ एक दुर्घटना घटित हो गई थी जिससे उबरने में उन्हें नौ महीने का समय लगा। इस बीच इन्होनें अध्यात्म दर्शन व कर्मफल संस्कृति को व्यापक और सहजता के साथ जनग्राही बनाने वाली भागवत गीता को अपने जीवन में उतार लिया और उससे प्रेरित होकर कुछ अलग करने की ठानी। 

संसार की पहली मिरर इमेज पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के रचनाकार पीयूष जी हैं। इन्होने 18 अध्याय व 700 श्लोक अनुवाद सहित हिंदी व अंग्रेजी दोनो भाषाओ में लिखे हैं। इन्होनें कई किताबे भी लिखी हैं जो मिरर शैली अर्थात उल्टे अक्षरो मे हैं जिनको पढ़ने के लिए शीशे की आवश्यकता पड़ती है। यह अपने आप में बहुत अनूठा प्रयास है और ऐसा कर पाना हर किसी के लिए संभव भी नहीं है। 


हरिवंश राय की पुस्तक Madhushala को लिखी सुई से मिरर इमेज में | Piyush Goel mirror image book -

पीयूष ने हरिवंश राय बच्चन की पुस्तक 'मधुशाला' सुई से मिरर इमेज में लिखी है। इसको लिखने में उन्हें ढाई महीने का समय लगा। आपको बता दें कि मधुशाला दुनिया की पहली ऐसी पुस्तक है जो मिरर इमेज व सुई से लिखी गई है। पीयूष जी से जब यह सवाल पूछा गया कि आपको सुई से लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिली तो उनका उत्तर था कि लोग अक्सर उनसे कहा करते थे कि आपकी किताबों को पढ़ने के लिए शीशे की ज़रूरत पड़ती है तो पीयूष जी के मस्तिष्क में एक विचार आया कि क्यों ना हरिवंश राय बच्चन जी की मधुशाला को इस प्रकार लिखा जाए कि उसे पढ़ने के लिए शीशे की ज़रूरत ही ना पड़े। उन्होने ऐसा ही कर दिखाया । यह पुस्तक इस तरह से रिवर्स में लिखी गई है कि 

शब्दों को मोतियों के समान पृष्ठों पर गुंथा गया है जिसे पढ़ने में आसानी तो होगी ही पढ़ने वाले में उत्साह का भी संचार होगा। पाठक मन में जिज्ञासा भी उत्पन्न होगी। पीयूष जी ने 'मधुशाला' को इमेज व सुई दोनों से लिखकर एक मिसाल कायम की है।


रवींद्र नाथ टैगोर की पुस्तक Geetanjali को लिखा मेहंदी से | 

कहते हैं प्रतिभावान व्यक्ति कभी शांत नहीं बैठ सकता। उसके मन मे नित नवीन विचार आते ही रहते हैं। पीयूष जी ने 1913 के साहित्य विजेता रविंद्रनाथ टैगोर की विश्व प्रसिद्ध कृति "गीतांजली" को मेंहदी के कोन से लिख सकता है । आपको बता दें कि  8 जुलाई 2012 में पीयूष जी ने गीतांजली को लिखना शुरू किया था और 5 अगस्त 2012 में सभी 103 अध्याय पूर्ण कर दिए। जिसको लिखने में 17 कोन और दो नोट बुक इस्तेमाल में लाई गई हैं ।

Piyush goel mirror image books.


कार्बन पेपर से आचार्य विष्णु शर्मा की पुस्तक Panchatantra -

इसके अतिरिक्त पीयूष ने कार्बन पेपर की सहायता से आचार्य विष्णुशर्मा द्वारा लिखी 'पंचतंत्र' की सभी 41 कथाएं लिख डाली हैं। पीयूष गोयल ने कार्बन पेपर को नीचे उल्टा करके लिखा है जिससे पेपर के दूसरी तरफ शब्द सीधे दिखाई दे रहे हैं अर्थात पेज के एक तरफ मिरर इमेज व दूसरी तरफ सीधे ।

पीयूष जी ने दुर्गा सप्त शती, अवधी में सुंदरकांड, आरती संग्रह, हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में श्री साई सत्चरित्र भी लिखा है। रामचरितमानस दोहा, सोरठा चौपाई को भी लिख चुके हैं। 

Piyush Goel की उपलब्धियो के बारे में बात करें तो एक और मुख्य बात सामने आती है कि Piyush Goel ने स्वरचित पुस्तक "पीयूष वाणी" को कील से ए फोर ( A4 ) साइज की एल्युमिनियम शीट पर लिखकर सबको चौका दिया है। पीयूष गोयल की ५ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। यह संग्रह करने में भी रूचि रखते हैं। Piyush Goel के पास प्रथम दिवश आवरण ,पेन संग्रह, विश्व प्रसिद्ध लोगों के ऑटोग्राफ़ संग्रह भी हैं। 

पीयूष जी सन 2003 से निरन्तर लिखते आ रहे हैं। श्रीमद्भागवतगीता हिंदी व अंग्रेजी भाषा में, श्री सत्चरित्र हिंदी व अंग्रेजी भाषा में, श्री सुंदरकांड, चालीसा संग्रह,  सुई से मधुशाला, मेंहदी से गीतांजली, कील से पीयूष वाणी, कार्बन पेपर से पंचतंत्र आदि लिखकर ना केवल भारत में बल्कि विदेशो मे भी प्रसिद्वी हासिल की है।


स्वरचित पुस्तक You have to think का हिंदी अंग्रेजी अनुवाद -

Piyush Goel की एक पुस्तक के बारे में आपको बताते हैं। पुस्तक का नाम "सोचना तो पड़ेगा ही" फरवरी 2020 में प्रकाशित हुई है। अंग्रेजी नाम " You have to think" है। जिसका English में अनुवाद हो चुका है। "सोचना तो पड़ेगा ही" में उनके प्रेरणादायक विचार हैं जिनका अनुवाद करवाया जा रहा है।

सोचना तो पड़ेगा ही" पुस्तक प्रत्येक को अवश्य ही पढ़नी चाहिए। विशेषत: उन लोगों को इसे ज़रूर पढ़ना चाहिए जो अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं। अपनी इस पुस्तक में Piyush Goel ने बहुत सुंदर ढंग से बताया है कि हम अपने काम के प्रति किस प्रकार सेल्फ मोटीवेट हो सकते हैं जो ना केवल हमारे अंदर काम के प्रति लगन पैदा करेगा बल्कि हमें सफलता भी हासिल करने में मददगार साबित होगा।  इस पुस्तक में कुल 110 थॉट्स है उसमे से हम आपको कुछ थॉट्स बता रहे हैं। 


1. जिंदगी को अगर किसी का सहारा लेकर जियोगे तो एक दिन हारा हुआ महसूस करोगे। 

2. किसी काम की करने की नियत होनी चाहिए, टालने से काम नहीं चलेगा।              

3. आपके सपनो के साथ औरों के सपने भी जुड़े हैं इसलिए उन सपनो को पूर्ण करो।

4. सोचना मेरी आदत है, लगन मेरा समर्पण है, जिद्द मेरी सफलता है।

5. जिनकी नींव मजबूत उनकी विन (win) अर्थात जीत निश्चित हैं ।           

6. मेरे लिए आलोचना करना चना चबाने जैसा हैं ।   

8. उतनी इच्छायें पालो, जीतनी पा सको ।                            

9. जो संघर्ष करते हैं वो जानते हैं मेहनत का कोई विकल्प नहीं हैं।                         

10. हर कार्य को करने से पहले वह कठिन लगता है परन्तु कठिन होता नहीं।

11. निरन्तर प्रयास करना मेरा काम हैं और मैं प्रयास करता रहूँगा, जब तक मैं कामयाब न हो जाऊं।

12. कुछ नहीं करना बस जिंदगी की तराजू को बराबर तोलते चलो।

13. लालसा, काम के प्रति लगन पक्की, लक्ष्य एक।                   

14. अपनी काबिलियत को पहचानो समझौता नहीं। 


अंत में हम यही कहेगें कि जिनको चमकना होता है वह अपनी मेहनत से चमक ही जाते हैं। भारत सरकार से गुंजारिश है Piyush Goel जैसी प्रतिभाओ को सम्मानित करके हौसला अफजाई करें । उम्मीद करते है आज के टॉपिक ( mirror image books wrote by Piyus Goel. ) पर आप सबका यही विचार होगा ।



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